Mutual Funds के रिटर्न को कम करते हैं ये फैक्टर्स, निवेश करते समय रखें याद

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Mutual Fund- India TV Paisa
Photo:FREEPIK म्यूचुअल फंड

Mutaul Funds पिछले कुछ समय में तेजी से निवेश का लोकप्रिय माध्यम बन कर उभरा है। जानकार कहते हैं कि अगर आप सही नीति के साथ जोखिम को ध्यान में रखते हुए लंबे समय तक निवेश करते हैं तो आप म्यूचुअल फंड में अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं। इस कारण म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे कि आप अधिक रिटर्न हासिल कर सकते हैं। 

निवेश नीति 

किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले उसकी रणनीति को अच्छे से समझ लेना चाहिए। उसी हिसाब से फंड का सिलेक्शन करना चाहिए। कुछ म्यूचुअल फंड डेट में निवेश करने को अधिक वरीयता देते हैं। वहीं, कुछ इक्विटी में पूरा निवेश करते हैं। ऐसे में अपनी नीति के मुताबिक ही म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए।

पोर्टफोलियो टर्नओवर रेश्यो 

पोर्टफोलियो टर्नओवर रेश्यो काफी जरूरी होता है। ये दिखाता है कि कोई फंड किसी शेयरों को कितनी देर तक होल्ड करता है। इसका सीधा असर किसी निवेशकों के रिटर्न पर पड़ता है। 

एक्सपेंस रेश्यो

एक्सपेंस रेश्यो को फंड मैनेजमेंट चार्जेस  भी कहा जाता है। ये चार्ज हर म्यूचुअल फंड में होता है। जिनता कम एक्सपेंस रेश्यो होता है निवेशकों को उतना ज्यादा म्यूचुअल फंड के रिटर्न में हिस्सा मिलता है। 

फंड का साइज 

म्यूचुअल  फंड में निवेश करते समय हमेशा फंड का साइज भी देखना चाहिए। जितना बड़ा म्यूचुअल फंड होगा। वह उतना ही अधिक पोर्टफोलियो में विविधता लाने की क्षमता होगी और बाजार की परिस्थितियों में खुद को स्टेबल रख पाएगा। अगर फंड छोटा है तो इसका उल्टा भी दे सकता है।  

अनियमित प्रदर्शन 

म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन कभी भी रिटर्न की गारंटी नहीं होता है, लेकिन इसके जरिए आप आसानी से पता कर सकते हैं कि बाजार की अलग-अलग परिस्थितियों में फंड कैसा प्रदर्शन करता है। अगर फंड बाजार के उतार-चढ़ाव में सकारात्मक प्रदर्शन कर रहा है तो इसकी काफी संभावना है कि वह फंड आपको लंबे समय में अच्छा रिटर्न देगा।

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