Go First बंद होने के बाद अब इस नई एयरलाइंस ने की बड़ी प्लानिंग, जल्द शुरू शुरू करेगी इंटरनेशनल उड़ानें

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Akasa Airlines- India TV Paisa
Photo:FILE Akasa Airlines

वाडिया ग्रुप की एयरलाइंस गो फर्स्ट (Go First) के अचानक बंद होने के बाद से भारत का एविएशन बिजनेस लगातार मुश्किलों से जूझ रहा है। गर्मी की छुट्टियों में इसका असर विमानों के किराये और सीटों की किल्लत के रूप में देखने को मिला। अब इस कमी को पूरा करने के लिए देश के प्रमुख निवेशक दिवंगत राकेश झुनझुनवाला की एयरलाइंस Akasa एयर ने कमर कस ली है। आकाश एयर जल्द ही भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रही है, वहीं जल्द ही इंटरनेशनल फ्लाइट भी शुरू करने जा रही है।

Akasa Air के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने कहा है कि एयरलाइन के पास पूंजी की कोई कमी नहीं है। उनके पास इस साल के अंत तक तीन अंक में विमानों का ऑर्डर देने के लिए पर्याप्त धन है। उन्होंने साथ ही कहा कि एयरलाइन में अधिक तेजी से बढ़ने की क्षमता है। एयरलाइन के बेड़े में 20 विमान होने पर वह अंतरराष्ट्रीय परिचालन शुरू कर सकती है। Akasa एयर अगले महीने अपने परिचालन का एक साल पूरा करने जा रही है। इस बारे में दुबे ने कहा, ‘‘हमने अपनी अपेक्षाओं को पूरा किया है।’’ 

जल्द बेड़े में जुड़ेगा 20वां विमान

Akasa के पास 19 विमान हैं और 20वां विमान उसके बेड़े में इस महीने शामिल हो सकता है। कंपनी जल्द ही अंतरराष्ट्रीय परिचालन शुरू करने के लिए तैयार है। दुबे ने साक्षात्कार में कहा कि एयरलाइन ‘‘अच्छी तरह से पूंजीकृत’’ है। आकाश एयर के संस्थापक और सीईओ ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमारे पास पर्याप्त वित्तपोषण है। हमारे पास 72 विमानों और चार अतिरिक्त विमानों का ऑर्डर देने के लिए पर्याप्त पूंजी थी। इसके अलावा इस साल के अंत तक तीन अंक में विमान का ऑर्डर देने के लिए पर्याप्त पूंजी है।’’ हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई विशेष वित्तीय विवरण नहीं दिया। 

दिया 76 विमानों का ऑर्डर 

एयरलाइन ने 76 बोइंग विमानों का ऑर्डर दिया है। दुबे ने एयरलाइन के बारे में कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हम इस बात में उलझे हुए हैं कि हम थोड़ा तेजी से बढ़ेंगे या धीमी गति से। हम स्थिरता चाहते हैं। हम एक ऐसी एयरलाइन बनाना चाहते हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरेगी।’’ आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मई में आकाश एयर की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 4.8 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि अगले 20 साल ‘विमानन क्षेत्र के लिए स्वर्ण युग’ होने जा रहे हैं और देश में अगले 15 से 20 साल में करीब 2,000 विमान होंगे और अधिक संख्या में हवाई अड्डे होंगे। दुबे ने कहा, ‘‘हम जिस स्तर पर हैं, वहां बहुत-बहुत खुश हैं। मुझे लगता है कि काफी वृद्धि हो रहा है।’’ 

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